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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी (गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾) में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठ–
मां बनना हर महिला के लिठसà¥à¤–द अनà¥à¤à¤µ होता है, जिसे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में बयां नहीं किया जा सकता। यह वकà¥à¤¤ उनके लिठउतार-चà¥à¤¾à¤µ à¤à¤°à¤¾ होता है और इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खास देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सबसे पहले महिला के खान-पान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आहार बहà¥à¤¤ मायने रखता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका सीधा असर मां और शिशॠदोनों पर पड़ता है। इसलिà¤, पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठयह जानना तो जरूरी है ही, साथ ही पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठइसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरी है। इस लेख में हम आपको इसी बारे में जानकारी देंगे। आइà¤, जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खानपान किस पà¥à¤°à¤•ार का होना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ कैसे मायने रखता है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ यह लगà¤à¤— हर महिला के मन में आने वाला पहला सवाल होता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खानपान का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना न सिरà¥à¤« महिला, बलà¥à¤•ि परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ और दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की à¤à¥€ पहली पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता होनी चाहिà¤à¥¤ महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करना ही चाहिà¤à¥¤ साथ ही खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ वकà¥à¤¤ कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥€ रखना चाहिà¤à¥¤ अगर महिला को किसी चीज से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो उसका सेवन न करें और à¤à¤¸à¥€ ही कई छोटी-बड़ी बातें हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का खानपान उसके होने वाले शिशॠपर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है, इसलिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ काफी मायने रखता है।
इस लेख में आगे जानिठकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ–
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ यह दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ तो महिलाओं को होती ही है, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ न खाà¤à¤‚ यह दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ à¤à¥€ रहती है। इसलिà¤, शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हम आपको बताà¤à¤‚गे कि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ खाना जरूरी है, यह जानना बेहद आवशà¥à¤¯à¤• है। इसलिà¤, नीचे हम कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ कर सकती हैं।
1. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फलों का सेवन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में फलों का सेवन बहà¥à¤¤ मायने रखता है, इसमें मौजूद पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ, होने वाली माठऔर शिशॠदोनों के लिठही बहà¥à¤¤ जरूरी होते हैं। हालांकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी à¤à¥€ फल का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ नहीं किया जा सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जरूरी नहीं सारे फल सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो। इसलिठनीचे हम कà¥à¤› खास फलों के नाम आपको बता रहे हैं जिसका सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो सकता है।
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की बात करें, तो à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो जिसे बटरफà¥à¤°à¥‚ट à¤à¥€ कहा जाता है, उसमें कई गà¥à¤£ हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठà¤à¤µà¥‹à¤•ाडो अचà¥à¤›à¤¾ फल है। इसमें विटामिन, मिनरल व आयरन जैसे कई पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जो मां और शिशॠदोनों के लिठफायदेमंद हैं। इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट व फाइबर हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ दोनों वकà¥à¤¤ के लिठफायदेमंद है (1)। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो को अपने डाइट में शामिल कर सकती हैं।
संतरा
विटामिन-सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र संतरा गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठफलों में अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है (2)। इससे होने वाली मां और शिशॠदोनों के ही रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है (3)। साथ ही यह फल गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ रखेगा।
केला
आसानी से बाजार में उपलबà¥à¤§ केला à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ फल है। विटामिन और फाइबर से à¤à¤°à¤ªà¥‚र केला गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिला सकता है। साथ ही इसमें मौजूद डिमेंहाइडà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥‡à¤Ÿ
(dimenhydrinate) और विटामिन-बी6 गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दौर में होने वाले मितली और उलà¥à¤Ÿà¥€ की परेशानी से राहत दिला सकता है (4)।
सेब
आपने यह कहावत तो सà¥à¤¨à¥€ ही होगी कि ‘à¤à¤¨ à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² ठडे कीपà¥à¤¸ द डॉकà¥à¤Ÿà¤° अवे’। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला सेब का सेवन करती है, तो होने वाला शिशॠका दमा व अनà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• बीमरियों से बचाव हो सकता है (5)।
अनार
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अनार का सेवन à¤à¥€ कर सकती है। इससे न सिरà¥à¤« खून की कमी की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर हो सकती है, बलà¥à¤•ि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ बचाव हो सकता है (6)। हालांकि, जिनका खून पतला है, वो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ पर ही इसका सेवन करें।
नोट : इन सबके अलावा तरबूज, नींबू, अमरूद व नारियल आदि कई फल हैं, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खाठजा सकते हैं। इनके सेवन से पहले विशेषजà¥à¤ž या डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह जरूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हर किसी का शरीर और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¤• जैसी नहीं होती है, इसलिठइस दौरानी सावधानी बहà¥à¤¤ जरूरी है।
2. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन
जिस तरह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फलों का सेवन करना जरूरी है, वैसे ही इस दौरान सही सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करना à¤à¥€ उतना ही जरूरी है। हालांकि, इस सूची में कई सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं, लेकिन हम यहां कà¥à¤› खास सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में ही बताà¤à¤‚गे। आप गोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, आलू, मटर, गाजर, खीरा, शिमला मिरà¥à¤š और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें (7)। ये मां और होने वाले शिशॠदोनों को पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेंगे।
नोट : धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि खाने और पकाने से पहले आप सारी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें।
3. दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अपने होने वाले शिशॠके बेहतर विकास और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मजबूती के लिठकैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। यहां हम आपको बता दें कि न सिरà¥à¤« महिलाओं को, बलà¥à¤•ि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ जिनकी उमà¥à¤° 19 से 50 साल तक है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रोज 1,000mg कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है (8)। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अपने खानपान में डेरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ कों शामिल करें। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ दही, पनीर और पाशà¥à¤šà¥à¤°à¥€à¤•ृत (pasteurised) डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन करें (9)। ये आसानी से बाजार में उपलबà¥à¤§ होते हैं। आप सोया मिलà¥à¤• का à¤à¥€ सेवन कर सकती हैं। डेरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सेवन से होने वाला शिशॠà¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के जोखिम से बच सकता है (10)।
4. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान साबूत अनाज
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फल के साथ-साथ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठसाबूत अनाज का सेवन करना à¤à¥€ जरूरी है। आप अपने नाशà¥à¤¤à¥‡ में ओटà¥à¤¸, होल वीट बà¥à¤°à¥‡à¤¡ (बाजार में उपलबà¥à¤§), à¤à¥‚रे चावल व दलिया (जिसमें हर तरह के अनाज हों) को शामिल कर सकते हैं (11)। इन अनाजों में कई तरह के पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं, जैसे – विटामिन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ व फाइबर। इनके सेवन से मां और शिशॠदोनों को ही à¤à¤°à¤ªà¥‚र पोषण मिलता है।
5. नटà¥à¤¸ और बीज का सेवन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला को अपने डाइट में नटà¥à¤¸ यानी मूंगफली, काजू, बादाम व अखरोट को शामिल करना चाहिà¤à¥¤ ये न सिरà¥à¤« पोषण देते हैं, बलà¥à¤•ि शिशॠको किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचा à¤à¥€ सकते हैं (12)। इसके अलावा, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला कई तरह के बीज जैसे – सूरजमà¥à¤–ी व तिल आदि का à¤à¥€ सेवन कर सकती है (13)। इनमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, जिंक व मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठफायदेमंद हो सकते हैं (14)।
6. बेरी पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ के फल
बेर पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿ के फल जैसे – सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी, रासà¥à¤ªà¤¬à¥‡à¤°à¥€ आदि का सेवन à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है (15)। इनका सेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में करें। अगर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाया जाà¤, तो शà¥à¤—र बà¥à¤¨à¥‡ का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, अगर किसी को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, तो इसका सेवन डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ कर करें।
7. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शकरकंद का सेवन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आहार की बात करें, तो शकरकंद यानी सà¥à¤µà¥€à¤Ÿ पोटैटो à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। विटामिन-ठसे à¤à¤°à¤ªà¥‚र शकरकंद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और होने वाले शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। विटामिन-ठकी कमी से शिशॠकी आंखों की रोशनी पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ हो सकता है। शिशॠके सही विकास के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला को विटामिन-ठयà¥à¤•à¥à¤¤ आहार के सेवन की सलाह दी जाती है (16)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ विटामिन-ठका सेवन न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको हानि हो सकती है।
8. लाल मांस (Red Meat)
अगर आप मांसाहारी हैं, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लाल मांस यानी रेड मीट का à¤à¥€ सेवन कर सकती है। हालांकि, रेड मीट के सेवन से कैंसर के खतरे की बात सामने आई थी, लेकिन फिलहाल à¤à¤¸à¥‡ कोई सबूत नहीं हैं कि यह आहार बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को नकारातà¥à¤®à¤• रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है (17)। फिर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह से पके हà¥à¤ मीट का ही सेवन करें।
9. बीनà¥à¤¸ और दाल
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ की बात करें, तो बीनà¥à¤¸ और दाल का अहम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है। इसमें मौजूद फोलेट और आयरन शिशॠके विकास में मददगार साबित हो सकते हैं (18)। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आहार की बात करें, तो दाल और बीनà¥à¤¸ को शामिल करना न à¤à¥‚लें।
10. मिनरलà¥à¤¸
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शिशॠविकास के लिठमिनरलà¥à¤¸ जैसे – विटामिन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® व आयरन की बहà¥à¤¤ जरूरत होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फोलेट के सेवन से शिशॠमें जनà¥à¤® विकार का खतरा कम हो सकता है। वहीं, विटामिन-डी की कमी से शिशॠको रिकेटà¥à¤¸ (यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से संबंधित बीमारी है) जैसी बीमारी का खतरा रहता है। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® शिशॠके दांत और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठलाà¤à¤•ारी है। इसके अलावा, आयोडीन व जिंक जैसे मिनरल à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में काफी लाà¤à¤•ारी हैं। आप अपने आहार में दाल, फलिया, टमाटर व शिमला मिरà¥à¤š जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ शामिल कर सकते हैं (19)।
11. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खानपान की बात करें, तो इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार à¤à¥€ जरूरी है। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ शिशॠके टिशà¥à¤¯à¥‚ को बनाने में मददगार होता है। साथ ही यह महिला के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के टिशà¥à¤¯à¥‚ को रिपेयर व विकसित करता है। इतना ही नहीं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान यह मांसपेशियों और खून की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव करता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ मछली, अंडा, दाल, दूध व दूध वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ आदि पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ चीजों को अपने खाने में शामिल कर सकती हैं (20)।
12. पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में फैट
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फैट à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। इससे ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है और शिशॠके नाल व अंगों को बनने में मदद मिलती है। पॉली-अनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (Poly-unsaturated fatty acids) जिसे ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ कहते हैं, उसके सेवन से शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° व रेटिना के विकास में मदद मिलती है। तैलीय मछली जैसे सैलà¥à¤®à¤¨, टà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿ और हेरिंग में पॉली-अनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है। इसके अलावा, बादाम, अलसी के बीज और खाना बनाने के तेल में à¤à¥€ पॉली-अनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ मौजूद होता है (20)।
13. सैलà¥à¤®à¤¨ (Salmon)
जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया कि ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शिशॠके विकास के लिठकितना आवशà¥à¤¯à¤• है (21)। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ में सैलà¥à¤®à¤¨ मछली को शामिल करना लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है (22) (21)। इसमें मरकरी की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का वजन à¤à¥€ सही रहता है। इसका सेवन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में करना चाहिà¤, वरना इसका गलत असर à¤à¥€ हो सकता है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला इस मछली के हफà¥à¤¤à¥‡ में सिरà¥à¤« दो बार ही खा सकती है, वो à¤à¥€ दो à¤à¤¾à¤—ों में (23)।
14. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पानी
शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। आम दिनों में ही शरीर को पानी की बहà¥à¤¤ जरूरत होती है, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पानी पीना और जरूरी हो जाता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिसके लिठशरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना जरूरी है। à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ बनाने के लिठपानी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ बचà¥à¤šà¥‡ को घेरकर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखता है। इसके अलावा, यह सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बनने में à¤à¥€ सहायक होता है। वैसे तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मितली या उलà¥à¤Ÿà¥€ होना सामानà¥à¤¯ है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से महिला के शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे वजन घटने का à¤à¥€ खतरा बॠजाता है। इस कारण से à¤à¥€ महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना जरूरी है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को रोज दो लीटर से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीने की जरूरत होती है (24)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ यह तो आप जान गठहैं, अब बारी है गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठइसके बारे में जानने की। नीचे हम इसी बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठ–
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठयह जानने के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठइस बारे में बात करना à¤à¥€ जरूरी है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिठयानी à¤à¤¸à¥€ कौन सी चीजे हैं, जिनका सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और होने वाले शिशॠदोनों के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। नीचे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं :
1. कॉफी या कैफीन
आजकल चाय-कॉफी की आदत लगà¤à¤— हर किसी को है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इससे दूरी बनाठरखना बेहतर है। कई बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महिला को कैफीन की मातà¥à¤°à¤¾ कम करने की सलाह देते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में कैफीन का सेवन शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठठीक नहीं है। इससे à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास रà¥à¤• सकता है और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा à¤à¥€ हो सकता है। इसके अलावा, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैफीन के सेवन से जनà¥à¤® के दौरान शिशॠके वजन में à¤à¥€ कमी आ सकती है (25) (26)। इसलिà¤, बेहतर है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान जितना हो सके कॉफी या कैफीन के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से दूर रहें।
2. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कौन से फल नहीं खाने चाहिà¤
ऊपर हमने आपको कà¥à¤› फलों के बारे में बताया था, जिसका सेवन आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कर सकते हैं। अब हम आपको उन फलों के बारे में बताà¤à¤‚गे, जिनका सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठहानिकारक हो सकता है।
पपीता
इस सूची में सबसे पहला नाम आ रहा है पपीता। à¤à¤²à¥‡ ही इस फल में कई गà¥à¤£ हों, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान यह फल हानिकारक हो सकता है। खासकर कचà¥à¤šà¤¾ या आधा पका हà¥à¤† पपीता, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें लैटेकà¥à¤¸ होता है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में संकà¥à¤šà¤¨ पैदा कर सकता है। इससे वकà¥à¤¤ से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ या गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा रहता है (27)।
अंगूर
अंगूर à¤à¤²à¥‡ ही गà¥à¤£à¤•ारी फल है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसका सेवन हानिकारक हो सकता है। अंगूर की तासीर गरà¥à¤® होती है, जिस कारण यह जलà¥à¤¦à¥€ लेबर पेन का या गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का कारण बन सकता है।
आम
अगर बात करें फलों के राजा की, तो आम का नाम लिया जाता है। आम कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसका सेवन सोच-समà¤à¤•र करना चाहिà¤à¥¤ आम की तासीर गरà¥à¤® होती है, जिस कारण इसका सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला या शिशॠके लिठहानिकारक हो सकता है (28)। अगर आप इसे खाना ही चाहते हैं, तो पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें।
अनानास
अनानास à¤à¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ फल है जिसके सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बचना चाहिà¤à¥¤ अनानास के सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को कमर दरà¥à¤¦, वकà¥à¤¤ से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ या गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा हो सकता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसका सेवन न करें (28)।
3. बिना धà¥à¤²à¥€ सबà¥à¤œà¥€ और फल
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठफल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती हैं, यह तो आपने जाना लिया, लेकिन इनको खाते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है। फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को खाने और बनाने के पहले धोना न à¤à¥‚लें। बिना धà¥à¤²à¥‡ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कई तरह के कीटाणॠहो सकते हैं और टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ (Toxoplasma) à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है (29)। इससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और शिशॠदोनों की जान को जोखिम हो सकता है। इसलिà¤, सबà¥à¤œà¥€ और फलों को अचà¥à¤›à¥‡ से धोने के बाद ही सेवन करें।
4. कचà¥à¤šà¥€ समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ सामगà¥à¤°à¥€
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को कई चीजें खाने का मन करता है और मछली à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मछली खाना खासकर ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ वाली मछली जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद होती है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि जब à¤à¥€ मछली या किसी à¤à¥€ समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन करें, तो पहले उसे अचà¥à¤›à¥‡ से पका लें। कचà¥à¤šà¥€ या ठीक तरह से न पकी मछली में परजीवी या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और शिशॠदोनों के लिठहानिकारक हो सकते हैं (30)।
5. कचà¥à¤šà¥‡ मांस का सेवन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अगर आप मीट का सेवन कर रही हैं, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि वो अचà¥à¤›à¥‡ से पका हà¥à¤† होना चाहिà¤à¥¤ कचà¥à¤šà¥‡ मीट में कई तरह के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं। सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾(Salmonella), कैंपिलोबेकà¥à¤Ÿà¥‡à¤° (Campylobacter), टॉकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ (Toxoplasma gondii) कà¥à¤› से ही बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हैं, जिससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा हो सकता है (30)।
6. कचà¥à¤šà¤¾ अंडा
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¤à¥€ à¤à¥€ कचà¥à¤šà¥‡ अंडे का सेवन न करें। साथ ही कोशिश करें कि कचà¥à¤šà¥‡ अंडे वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से बचें। कचà¥à¤šà¥‡ या आधे पके अंडों में सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ (Salmonella) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। इससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला बहà¥à¤¤ बीमार हो सकती है और उसका असर शिशॠपर à¤à¥€ पड़ सकता है (30)।
7. अनपाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ जूस
अनपॉशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ जूस का सेवन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, जिससे गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पेट की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है (30)।
8. अनपाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨à¥‹à¤‚ के सेवन से बचें
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अनपॉशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨à¥‹à¤‚ का सेवन बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें। अनपाशà¥à¤šà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨à¥‹à¤‚ में सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ (Salmonella), लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (Listeria), टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Tuberculosis), कैंपीलोबैकà¥à¤Ÿà¤° (Campylobacter) जैसे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकते हैं, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को बीमार कर सकते हैं (30)। इसलिà¤, अनपाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨à¥‹à¤‚ का सेवन करने से बचें और जब à¤à¥€ दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ लें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि वो पाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ हो।
9. सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ का सेवन न करें
सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ अनपाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध से बनता है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठहानिकारक हो सकता है। इसलिठबà¥à¤°à¥€ (Brie), फेटा (Feta), कैमेमà¥à¤¬à¤°à¥à¤Ÿ (Camembert), रॉकफोरà¥à¤Ÿ (Roquefort), केसो बà¥à¤²à¥ˆà¤‚को (Queso Blanco), केसो फà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤•ो (Queso fresco) जैसे चीज़ का सेवन न करें। अनपाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध से बने चीज़ में लिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होता है, जिससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला व होने वाले शिशॠको खतरा हो सकता है (30)।
10. डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द या कैन में बंद खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से बचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक ठीक रखने के लिठकई तरह के रासायनिक ततà¥à¤µ मिलाà¤à¤‚ जाते हैं। इसके सेवन से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और उनके शिशॠको खतरा हो सकता है। कई बार तो गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ तक का खतरा हो सकता है। इसलिà¤, जितना हो सके डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द या कैन में बंद खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूर रहें (31)।
11. शराब
आजकल महिलाओं का पारà¥à¤Ÿà¥€ में जाकर शराब का सेवन करना कोई बड़ी बात नहीं है। हां, अगर आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो यह बात थोड़ी परेशानी वाली हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बिलà¥à¤•à¥à¤² शराब से दूर रहें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब का सेवन होने वाले शिशॠके लिठखतरा है। इससे शिशॠको फीटल à¤à¤²à¥à¤•ोहल सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® डिसऑरà¥à¤¡à¤° (Fetal Alcohol Spectrum Disorders) हो सकता है, जिसमें शिशॠका शारीरिक और मानसिक विकास रà¥à¤• जाता है। इसलिà¤, अपने शिशॠके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास के लिठकिसी à¤à¥€ तरह के शराब या शराब यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूर रहें (32)।
12. हरà¥à¤¬à¤² सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट
इतना तो सब जानते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कोई à¤à¥€ दवा बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के नहीं लेनी चाहिà¤à¥¤ वहीं, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिलाओं को छोटी-छोटी शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ता है। इसके लिठवो बार-बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास नहीं जाती हैं और घर में रखी घरेलू चीजें जैसे – अदरक व लहसà¥à¤¨ जैसे सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग हरà¥à¤¬à¤² औषधीय की तरह करती हैं, लेकिन यह सही नहीं है। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला किसी चीज का सेवन हरà¥à¤¬à¤² औषधि की तरह à¤à¥€ करती है, तो पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर पूछ लें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हरà¥à¤¬à¤² औषधि à¤à¥€ खतरनाक साबित हो सकती है (33)।
13. घर में बने आइसकà¥à¤°à¥€à¤® या केक
लोग सोचते हैं कि बाहर से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ घर में बनी चीज सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होती है। बेशक यह काफी हद तक सही है, लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान घर में बनी कà¥à¤› चीजें à¤à¥€ हानिकारक हो सकती हैं और आइसकà¥à¤°à¥€à¤® उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में घर की बनी आइसकà¥à¤°à¥€à¤® à¤à¥€ नहीं खानी चाहिà¤à¥¤ कई बार आइसकà¥à¤°à¥€à¤® या केक बनाने के लिठकचà¥à¤šà¥‡ अंडे का उपयोग किया जाता है, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठनà¥à¤•सानदायक साबित हो सकता है। कचà¥à¤šà¥‡ अंडे से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ (salmonella) हो सकता है, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके लिठठीक नहीं है। इसकी जगह आप बिना अंडे व पाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध से बनी आइसकà¥à¤°à¥€à¤® व केक खा सकते हैं, लेकिन पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें (30)।
14. वसा से बचाव
फैट शरीर के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शरीर को ऊरà¥à¤œà¤¾ मिलती है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठà¤à¥€ फैट जरूरी है, लेकिन जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ डाइटरी फैट गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला और शिशॠके लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकता है (34)। इसलिà¤, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फलों का सेवन करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसमें फैट की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। कम फैट वाले दही और पनीर का सेवन करें (35)। खाना बनाने का तेल, मकà¥à¤–न, कà¥à¤°à¥€à¤® व चीज़ के अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सेवन से बचें और अगर खाने का मन करे, तो कम फैट वाली सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें।
15. फासà¥à¤Ÿ फूड या जंक फूड से दूर रहें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं को कà¤à¥€ चटपटा, कà¤à¥€ नमकीन, तो कà¤à¥€ मीठा खाने का मन करता है, जोकि सामानà¥à¤¯ है। कई बार महिलाà¤à¤‚ बिना सोचे-समà¤à¥‡ बस अपनी लालसा के लिठखा लेती हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तले-à¤à¥‚ने व बाहरी खाने से या अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मीठा खाने से शिशॠको पोषण नहीं मिलेगा, बलà¥à¤•ि इससे और कैलोरी की मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ होगी (35)। इसके अलावा, इस तरह के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं, जिससे महिला और शिशॠदोनों को संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा रहता है। साथ ही कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क और कई दिनों से पैक या फà¥à¤°à¤¿à¤œ में रखे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ खाने से बचें (36)। हमेशा याद रखें कि आपके शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ आप पर निरà¥à¤à¤° करती है, इसलिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ खाà¤à¤‚।
16. धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से बचें
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न सिरà¥à¤« गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिà¤, बलà¥à¤•ि उनके गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके लिठà¤à¥€ घातक है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने से गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠपर निकोटीन, कारà¥à¤¬à¤¨ मोनोऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ और अनà¥à¤¯ हानिकारक रसायनों का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकता है। इससे अजनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ का विकास रà¥à¤• सकता है, तय समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो सकता है, शिशॠका वजन कम हो सकता है या शिशॠको जनà¥à¤® के दौरान से ही शारीरिक या मानसिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है। इतना ही नहीं, आपके शिशॠको असà¥à¤¥à¤®à¤¾ व मोटापे जैसी बीमारियां होने का खतरा बॠजाता है (37)। यहां तक कि उसकी मौत à¤à¥€ हो सकती है। इसलिà¤, अपने शिशॠके लिठधूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से दूर रहें और अगर आसपास कोई धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ कर रहा हो, तो उससे à¤à¥€ दूर रहें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ जरूरी है और इसके लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आहार चारà¥à¤Ÿ के बारे में जानना à¤à¥€ उतना ही आवशà¥à¤¯à¤• है। इसलिà¤, नीचे हम आपको गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ की सूची में कà¥à¤¯à¤¾ होना चाहिà¤, उसके बारे में बता रहे हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठनमूना आहार चारà¥à¤Ÿ –
अब जब पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठऔर कà¥à¤¯à¤¾ नहीं ये जान गठहैं, तो अब गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आहार चारà¥à¤Ÿ की बात कर लेते हैं। नीचे हम à¤à¤• सूची आपके साथ शेयर कर रहे हैं, यह सूची नमूने के तौर पर है, ताकि इससे आप अंदाजा लगा सके कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान किस तरह के आहार आप ले सकते हैं।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ का वकà¥à¤¤ कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚
पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ सà¥à¤¬à¤¹ 6 से 7 बजे के बीच आधे से à¤à¤• कप दूध, चार से पांच बादाम या à¤à¤• अखरोट
नाशà¥à¤¤à¤¾ – सà¥à¤¬à¤¹ 9 से 10 बजे के बीच जो शाकाहारी हैं, वो à¤à¤• कटोरी दलिया या सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ पोहा या उपमा या सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ गेहूं के दो बà¥à¤°à¥‡à¤¡ या सबà¥à¤œà¥€ के साथ दो रोटी या फिर गेहूं का या ओटà¥à¤¸ का दलिया ले सकते हैं।
जो मांसाहारी हैं, वो à¤à¤• कप दूध या à¤à¤• कटोरी दही, à¤à¤• अंडा या à¤à¤• कटोरी पनीर।
सà¥à¤¬à¤¹ 11 बजे – मिड मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सà¥à¤¨à¥ˆà¤• अपने पसंद के दो फल जैसे – सेब, केला व संतरा इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
दोपहर का खाना – 1 से 2 बजे के बीच तीन रोटी, à¤à¤• कटोरी सबà¥à¤œà¥€, à¤à¤• कटोरी दाल, à¤à¤• कटोरी दही या रायता, à¤à¤• मधà¥à¤¯à¤® आकार के पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में à¤à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ सलाद।
शाम का नाशà¥à¤¤à¤¾ – 4 से 5 बजे के बीच à¤à¤• गिलास दूध, à¤à¤• छोटी कटोरी à¤à¥‚ने चने/बेसन का à¤à¤• चीला या à¤à¤• उबला हà¥à¤† अंडा या à¤à¤• कटोरी सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸à¥¤
देर शाम 6 से 7 बजे के बीच दो पसंदीदा फल
रात का खाना – 9 से 10 बजे के बीच तीन रोटी, à¤à¤• कटोरी दाल, à¤à¤• कटोरी सबà¥à¤œà¥€, à¤à¤• कटोरी दही, à¤à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ सलाद
सोने से पहले – 11 बजे के करीब à¤à¤• कप दूध और à¤à¤• पसंदीदा फल (जो हानिकारक न हो)
नोट : जरूरी नहीं कि सारी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का आहार चारà¥à¤Ÿ à¤à¤• जैसा हो। हर महिला की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और सबका शरीर à¤à¤• जैसा नहीं होता है। इसलिठआहार चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ अलग-अलग होता है। आहार चारà¥à¤Ÿ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी के लिठबेहतर होगा कि आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह-परामरà¥à¤¶ करें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कà¥à¤¯à¤¾ खाà¤à¤‚ और उससे जà¥à¥œà¥‡ आहार चारà¥à¤Ÿ के बारे में जानने के साथ-साथ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में à¤à¥€ जानना जरूरी है, इसलिठनीचे हमने इसके बारे में à¤à¥€ शेयर किया है।
कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में आहार की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठबहà¥à¤¤ मायने रखती है। इसलिà¤, नीचे हम इसके बारे में आपको बता रहे हैं।
रोटी, अनाज, चावल, पासà¥à¤¤à¤¾ व नूडलà¥à¤¸ जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ आठसे साà¥à¥‡ आठसरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग लें – उदाहरण के तौर पर à¤à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¡ या आधा या मधà¥à¤¯à¤® आकार का बà¥à¤°à¥‡à¤¡ रोल या आधा कटोरा चावल या पासà¥à¤¤à¤¾ या नूडलà¥à¤¸ या आधा कटोरा दलिया ले सकते हैं। आप à¤à¤• दिन में 15 गà¥à¤°à¤¾à¤® पॉली या मोनोसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटà¥à¤¸ और तेल, जो बà¥à¤°à¥‡à¤¡ या रोल पर या अनà¥à¤¯ किसी आहार में उपयोग कर सकते हैं।
सबà¥à¤œà¥€ और फलिया पांच सरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग – उदाहरण के तौर पर 1 सरà¥à¤µ 75 गà¥à¤°à¤¾à¤® या आधा कटोरा पकी हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¥€, आधा कटोरा सूखे बीनà¥à¤¸, मटर, दाल या डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द बीनà¥à¤¸, à¤à¤• कटोरा सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सलाद या à¤à¤• छोटा आलू।
फल के 2 सरà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ – à¤à¤• सरà¥à¤µ उदाहरण के तौर पर, à¤à¤• मधà¥à¤¯à¤® आकार का सेब (150 गà¥à¤°à¤¾à¤®) (खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€, कीवी, आलूबà¥à¤–ारा), à¤à¤• कप कटे हà¥à¤ फल, आधा कप फलों का जूस, à¤à¤• या डेॠचमà¥à¤®à¤š सà¥à¤²à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸ (à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का किशमिश)
दूध, दही, पनीर जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ ढाई से साà¥à¥‡ तीन सरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग – उदहारण के तौर पर à¤à¤• सरà¥à¤µ 250 मिलीलीटर दूध, 250 मिलीलीटर कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®-फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ सोया पेय पदारà¥à¤¥, 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® चीज़ (2 सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸), या 200 गà¥à¤°à¤¾à¤® दही (à¤à¤• छोटा पैकेट)
मांस, मछली, मà¥à¤°à¥à¤—ी, अंडे, नट और फलियां / बीनà¥à¤¸ समूह वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ साà¥à¥‡ तीन सरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग – उदहारण के तौर पर 1 सरà¥à¤µ मतलब 65 गà¥à¤°à¤¾à¤® पकाया हà¥à¤† मांस या चिकन है, पके हà¥à¤ बीनà¥à¤¸ का 1 कप, 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® पका हà¥à¤† मछली, 30 गà¥à¤°à¤¾à¤® नट या बीज या 2 बड़े अंडे।
नोट : आपको सीरियलà¥à¤¸, मीट, अंडे, चीज़, पीनट बटर और à¤à¤¸à¥‡ ही कई खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में फैट और तेल मिल जाà¤à¤—ा इसलिठइस सूची में हमने अलग से फैट और तेल को शामिल नहीं किया गया है(38)।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी) के आहार से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› गलत धारणाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को लेकर कà¥à¤› लोग गलत धारणाà¤à¤‚ बना लेते हैं। नीचे हम à¤à¤¸à¥‡ ही कà¥à¤› मिथकों के बारे में बता रहे हैं।
मिथक – मूंगफली और डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ खाने से आपके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है।
सच – ये खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ तब तक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं, जब तक गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को इनसे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ न हो या फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने से मना नहीं करता है। हालांकि, ऊपर जैसे हमने आपको बताया कि कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं, जिनका गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सेवन करने से बचना चाहिà¤à¥¤ वो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं – कचà¥à¤šà¤¾ मांस-मछली, कचà¥à¤šà¤¾ या आधा पका अंडा, सॉफà¥à¤Ÿ चीज़ व आइसकà¥à¤°à¥€à¤® (39)।
मिथक – गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को ‘दो लोगों का खाना’ खाना चाहिà¤à¥¤
सच – यह बस कहने वाली बातें हैं, इसका कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है। जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना आपके और आपके बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठबà¥à¤°à¤¾ हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का सेवन करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है (39)।
मिथक – फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® दूध, लो-फैट दूध से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• होता है।
सच – à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लो-फैट दूध में à¤à¥€ उतना ही पोषण होता है, जितना कि फà¥à¤² कà¥à¤°à¥€à¤® दूध में होता है।
मिथक – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बदले फलों का सेवन कर सकते हैं।
सच – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान फलों का सेवन तो जरूरी है ही, लेकिन साथ ही सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन à¤à¥€ उतना ही मायने रखता है। फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ नामक यौगिक होते हैं। फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ विटामिन या खनिज तो नहीं हैं, लेकिन वो आपको संकà¥à¤°à¤®à¤£, कोशिका कà¥à¤·à¤¤à¤¿ और बीमारी से बचाने में मदद कर सकते हैं। फलों में पाठजाने वाले फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤•ार सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पाठजाने वाले फल से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं। इसलिà¤, à¤à¤¸à¥‡ में फलों के साथ-साथ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ मायने रखती हैं। दोनों में अलग-अलग पोषक ततà¥à¤µ हैं और दोनों ही जरूरी है, इसलिठयहां विकलà¥à¤ª की तो कोई बात ही नहीं है।
मिथक – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से शिशॠको सà¥à¤•िन रैशेज या अनà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
सच – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाया जा सकता है, लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि जो मछली महिला खा रही है, उसमें मरकरी न हो। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मरकरी वाली मछली खाने से शिशॠके मानसिक या शारीरिक विकास पर असर हो सकता है। आप ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ वाली मछलियों जैसे – सैलà¥à¤®à¤¨, सारà¥à¤¡à¤¿à¤¨ व टà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿ का सेवन कर सकते हैं, जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और आंखों के विकास के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि मछली ताजी हो और अचà¥à¤›à¥€ तरह से पकी हो। हालांकि, इस बात का कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सीफूड खाने से शिशॠको तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं, लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मरकरी वाली मछली खाने से शिशॠके लिठखतरा जरूर हो सकता है।
मिथक – कà¥à¤› हलà¥à¤•े रंग के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से शिशॠगोरा होता है।
सच – कई बार आपने सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि गहरे रंग के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन नहीं करना चाहिà¤, वरना शिशॠका रंग à¤à¥€ गहरा हो सकता है, लेकिन यह धारणा बिलà¥à¤•à¥à¤² गलत है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग आनà¥à¤µà¤‚शिक होता है और कोई à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ इसे बदल नहीं सकता है। इसलिà¤, खाना रंगों को देखकर नहीं, बलà¥à¤•ि पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को देखकर चà¥à¤¨à¥‡, ताकि मां और शिशॠदोनों सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहें (40)।
मिथक – जड़ी-बूटियों और टॉनिक के सेवन से शिशॠबà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ होता है।
सच – कà¥à¤› हरà¥à¤¬à¤² चाय और टॉनिक होते हैं, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को दिठजाते हैं, लेकिन इसका कोई चिकितà¥à¤¸à¤•ीय और वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है कि जड़ी-बूटियों और टॉनिक के सेवन से शिशॠबà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ होता है (40)।
कई गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं, खासकर पहली बार मां बन रही महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। उनमें से कà¥à¤› सवालों के जवाब हम नीचे आपको बता रहे हैं।
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